नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में लगातार आठ दिन से जारी गिरावट का सिलसिला सोमवार को थम गया और प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स 57.65 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी के कारण यह तेजी आई।
कारोबार के आखिरी सत्र में खरीदारी से 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 57.65 अंक या 0.08 प्रतिशत चढ़कर 75,996.86 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 644.45 अंक या 0.84 प्रतिशत गिरकर 75,294.76 अंक पर आ गया। एनएसई निफ्टी 30.25 अंक या 0.13 प्रतिशत बढ़कर 22,959.50 पर पहुंच गया।
30 शेयरों वाले ब्लू-चिप शेयरों में बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, इंडसइंड बैंक,अदाणी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक, जोमैटो और टाटा मोटर्स प्रमुख लाभार्थी रहे। महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, भारती एयरटेल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक और आईटीसी सबसे ज्यादा पिछड़ने वाले शेयर रहे। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने शुक्रवार को 4,294.69 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची।
डिपॉजिटरी के आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 में अब तक एफपीआई की ओर से कुल 99,299 करोड़ रुपये यानी करीब 1 लाख करोड़ रुपये की निकासी की गई है। अमेरिका की ओर से आयात पर टैरिफ लगाए जाने के एलान के बाद बढ़े वैश्विक तनाव के कारण इस महीने के पहले दो हफ्तों में एफपीआई ने 21,272 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इससे पहले जनवरी में एफपीआई की ओर से 78,027 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की गई थी।
एशियाई बाजारों में सियोल, टोक्यो और शंघाई सकारात्मक दायरे में बंद हुए, जबकि हांगकांग में गिरावट दिखी। इस दौरान, यूरोपीय बाजार बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.21 प्रतिशत बढ़कर 74.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स 199.76 अंक या 0.26 प्रतिशत गिरकर 75,939.21 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 102.15 अंक या 0.44 प्रतिशत गिरकर 22,929.25 अंक पर बंद हुआ। पिछले आठ कारोबारी सत्रों में बीएसई बेंचमार्क 2,644.6 अंक या 3.36 प्रतिशत नीचे गिरा और वहीं निफ्टी 810 अंक या 3.41 प्रतिशत टूटा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 16 पैसे गिरकर 86.87 पर बंद हुआ
विदेशी पूंजी की भारी निकासी और अमेरिकी डॉलर सूचकांक में कारोबार के दौरान निचले स्तर से सुधार के कारण सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 16 पैसे कमजोर होकर 86.87 (अनंतिम) पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि भारतीय रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर रहा है, क्योंकि विदेशी बैंक डॉलर की खरीद पर उतारू हैं और आयातक डॉलर को सुरक्षित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें वैश्विक अनिश्चितता के बीच आगे मूल्यह्रास की आशंका है।
इस बीच, आरबीआई ने शुक्रवार को कहा कि 7 फरवरी को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7.654 अरब डॉलर बढ़कर 638.261 अरब डॉलर हो गया। यह लगातार तीसरा सप्ताह है जब कोष में उछाल आया है। 31 जनवरी को समाप्त सप्ताह में कोष 1.05 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर 630.607 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया था।
(साभार)

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