चीनी की कीमतों में बड़ी गिरावट, 65 से घटकर 58.50 रुपये किलो हुई चीनी

चीनी की कीमतों में बड़ी गिरावट, 65 से घटकर 58.50 रुपये किलो हुई चीनी

बड़े खरीदार अब रख सकेंगे 30 दिन का स्टॉक

नई दिल्ली। चीनी की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर सामने आई है। पिछले कुछ समय में खुदरा बाजार में चीनी के दाम अपने हालिया उच्च स्तर से करीब 10 प्रतिशत नीचे आए हैं। वहीं, सरकार ने त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली मांग को देखते हुए बड़े थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी का स्टॉक रखने की अधिकतम सीमा भी बढ़ा दी है। हालांकि, अतिरिक्त स्टॉक को लेकर सरकार ने कुछ शर्तें भी तय की हैं।

करीब 58.50 रुपये किलो पहुंची चीनी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। अब इसमें लगभग 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है और कीमत घटकर करीब 58.50 रुपये प्रति किलो रह गई है। इस तरह उपभोक्ताओं को कुछ ही हफ्तों में प्रति किलो लगभग 6.50 रुपये की राहत मिली है।

मिल स्तर पर कीमतों में 25 प्रतिशत तक कमी

चीनी की एक्स-मिल कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सरकार के अनुसार, मिल स्तर पर चीनी की कीमत करीब 25 प्रतिशत तक कम हुई है। हालांकि, एक्स-मिल कीमतों में आई गिरावट की तुलना में खुदरा बाजार में कमी सीमित रही है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने थोक विक्रेताओं और खुदरा कारोबारियों से अपील की है कि कीमतों में आई गिरावट का लाभ सीधे ग्राहकों तक पहुंचाया जाए।

बड़े उपभोक्ताओं को अब 30 दिन का स्टॉक रखने की अनुमति

त्योहारों के दौरान चीनी की खपत बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकार ने बड़े उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक सीमा में बदलाव किया है। पहले ऐसे उपभोक्ता अधिकतम 15 दिनों की खपत के बराबर चीनी का स्टॉक रख सकते थे। अब यह सीमा बढ़ाकर 30 दिनों की खपत तक कर दी गई है।

यह व्यवस्था उन बड़े उपभोक्ताओं पर लागू होगी, जो हर महीने कच्चे माल के तौर पर 10 टन से अधिक चीनी का इस्तेमाल करते हैं। इसमें मिठाई निर्माता, कन्फेक्शनरी कंपनियां, बिस्किट निर्माता, सॉफ्ट ड्रिंक कंपनियां और अन्य खाद्य एवं पेय पदार्थ बनाने वाले कारोबारी शामिल हैं।

अतिरिक्त 15 दिन के स्टॉक के लिए जरूरी होगी आयातित चीनी

हालांकि, सरकार ने 30 दिन की पूरी स्टॉक सीमा के लिए घरेलू बाजार से चीनी खरीदने की खुली छूट नहीं दी है। 15 दिनों की सामान्य सीमा से ज्यादा स्टॉक रखने के लिए अतिरिक्त चीनी का आयात करना होगा।

सरकार के नियम के मुताबिक, अतिरिक्त 15 दिनों की खपत के बराबर चीनी एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम या टैरिफ रेट कोटा के तहत आयातित होनी चाहिए। घरेलू खुले बाजार से खरीदी गई चीनी के मामले में स्टॉक सीमा अब भी 15 दिनों की खपत तक ही रहेगी।

हर शुक्रवार देनी होगी स्टॉक की जानकारी

सरकार ने बड़े चीनी उपभोक्ताओं के स्टॉक पर निगरानी रखने की व्यवस्था भी की है। ऐसे उपभोक्ताओं को प्रत्येक शुक्रवार खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर अपने पास मौजूद चीनी के स्टॉक की जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

सरकार का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना, कीमतों पर निगरानी रखना और अनावश्यक जमाखोरी को रोकना है।