सीमाद्वार जलभराव पर डीएम सख्त, 24 घंटे में सफाई और डिवाटरिंग के निर्देश

सीमाद्वार जलभराव पर डीएम सख्त, 24 घंटे में सफाई और डिवाटरिंग के निर्देश

देहरादून। बारिश के बाद सीमाद्वार और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आईटीबीपी रोड और सीमाद्वार क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और अधिकारियों को तत्काल राहत के साथ स्थायी समाधान की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए।

डीएम ने नगर निगम को 24 घंटे के भीतर सड़क किनारे नालियों में जमा मलबा और कूड़ा हटाने के निर्देश दिए। साथ ही डिवाटरिंग पंप के जरिए जमा पानी की निकासी सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग को भी सड़क पर यातायात सुचारू रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जब तक जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान नहीं हो जाता, तब तक पटवारी सीमाद्वार क्षेत्र में ही रहकर स्थिति की निगरानी करेंगे। डिवाटरिंग कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के साथ स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का भी तुरंत निस्तारण किया जाएगा। जलभराव से राहत के लिए मौके पर ही आवश्यक बजट की स्वीकृति भी दी गई।

स्थायी समाधान के लिए बनेगी डीपीआर

डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को सीमाद्वार क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था का विस्तृत सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ड्रेनेज सिस्टम की डीपीआर तैयार की जाए। अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया गया कि योजना केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका समयबद्ध तरीके से धरातल पर क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात के दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

न्यूकैंट रोड पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने न्यूकैंट रोड पर यातायात व्यवस्था का भी जायजा लिया। सेंट्रियो मॉल क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर अवैध रूप से खड़े दोपहिया और चौपहिया वाहनों को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। डीएम के निर्देश पर पुलिस ने मौके पर अवैध रूप से पार्क वाहनों के चालान किए।

सड़क किनारे संचालित अवैध फड़-फेरी और अस्थायी दुकानों को हटाने के भी निर्देश दिए गए। इसके अलावा सड़क पर स्पष्ट नो-पार्किंग संकेतक लगाने को कहा गया, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को न्यूकैंट रोड के चौड़ीकरण के लिए विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण में बाधा बन रही पुलिस चेकपोस्ट और अन्य संरचनाओं को आवश्यकतानुसार शिफ्ट करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय से अभियान चलाकर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई करने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओपी सिंह, तहसीलदार सुरेंद्र देव समेत पुलिस, नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।