अमेरिका में ‘ऑपरेशन चेकमेट’ के तहत 30 भारतीय ट्रक चालक गिरफ्तार

अमेरिका में ‘ऑपरेशन चेकमेट’ के तहत 30 भारतीय ट्रक चालक गिरफ्तार

न्यूयॉर्क। अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। अमेरिकी सीमा सुरक्षा एजेंसियों ने एक विशेष अभियान में कई अवैध प्रवासियों को हिरासत में लिया है, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अधिकांश लोग व्यावसायिक ट्रक चालक के रूप में काम कर रहे थे और अब उनके खिलाफ निर्वासन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा एजेंसी (CBP) ने जानकारी दी है कि मई महीने में एरिजोना के युमा सेक्टर में चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन चेकमेट’ के दौरान कुल 52 लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच में सामने आया कि इनमें से कई लोग अमेरिका में वैध आव्रजन स्थिति के बिना रह रहे थे और व्यावसायिक वाहनों का संचालन कर रहे थे।

अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों में 36 व्यक्ति ट्रक चालक थे, जिनमें 30 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा कुछ अन्य देशों के नागरिक भी इस कार्रवाई की जद में आए हैं। जांच के दौरान पाया गया कि कई लोगों के पास विभिन्न अमेरिकी राज्यों से जारी कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस थे, जबकि कुछ के पास वैध ड्राइविंग दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं थे।

एजेंसी का कहना है कि कई गिरफ्तार व्यक्तियों के रोजगार संबंधी दस्तावेजों की वैधता समाप्त हो चुकी थी, इसके बावजूद वे व्यावसायिक गतिविधियों में संलग्न थे। इसी आधार पर उनके खिलाफ संघीय कानूनों के तहत कार्रवाई की गई है।

सीबीपी के अनुसार ‘ऑपरेशन चेकमेट’ का उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान करना है जो आव्रजन नियमों का उल्लंघन करते हुए व्यावसायिक वाहन चला रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इससे सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था दोनों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

युमा सेक्टर के अधिकारियों ने कहा कि अभियान का मकसद सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और ऐसे चालकों को चिन्हित करना है जो वैध दस्तावेजों के बिना सड़कों पर भारी वाहन चला रहे हैं। वहीं, अमेरिकी प्रशासन पहले भी विदेशी नागरिकों को व्यावसायिक वाहन संचालन के लिए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर सख्त रुख अपना चुका है।

हाल के वर्षों में अमेरिका में भारी वाहनों से जुड़े कई सड़क हादसों के मामलों में विदेशी मूल के चालकों के नाम सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में यह कार्रवाई भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।