Breaking News
रामनवमी में सुरक्षा -व्यवस्था को देखते हुए भारी वाहन की एंट्री पर लगी रोक 
लोकसभा चुनाव 2024 के लिए उत्तराखंड में स्थापित किये जा रहे 11729 पोलिंग बूथ- अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी
एक्सरसाइज करने का सही समय क्या है, अध्ययन में हुआ खुलासा
राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज पहुंचेंगे उत्तराखंड, मसूरी में जनसभा को करेंगे संबोधित 
घोषणा पत्र में यूसीसी, नकल कानून और लखपति दीदी योजना को तरजीह राज्य का गौरव- भट्ट
उत्तराखंड के साथ UP में भी CM धामी का जलवा
जलवायु परिवर्तन तोड़ रहा सांसों की डोर
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता मर्डर केस के वीआईपी का नाम बताओ के लगाए नारे
18 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत, दादी ने लगाया भाई और मामा पर हत्या का आरोप

राज्यपाल ने राष्ट्रपति को भेजा यूसीसी  विधेयक, मुहर लगने के बाद राज्य में लागू हो जाएगा कानून

देहरादून। राज्यपाल ने यूसीसी विधेयक राष्ट्रपति को भेजा है। राजभवन ने इस पर विचार करने के बाद विधायी विभाग को भेजा था। विधायी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया है। चूंकि यह संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए बिल अनुमोदन के लिए राज्यपाल से राष्ट्रपति को भेजा गया। विधानसभा से यूसीसी बिल पास होने के बाद इसे राजभवन भेजा गया। इस पर राष्ट्रपति भवन को फैसला लेना है। वहां से मुहर लगने के बाद राज्य में कानून लागू हो जाएगा। उत्तराखंड के बाद असम की भाजपा सरकार यूसीसी बिल विधानसभा में सबसे पहले पेश कर सकती है। राजस्थान सरकार भी यूसीसी लाने का एलान कर चुकी है।

विधेयक में सभी धर्म-समुदायों में विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता और विरासत के लिए एक कानून का प्रावधान है। महिला-पुरुषों को समान अधिकारों की सिफारिश की गई है। अनुसूचित जनजातियों को इस कानून की परिधि से बाहर रखा गया है। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि, देश के पहले गांव माणा में संवाद से ड्राफ्ट समिति ने इसकी शुरुआत की थी। उन्होंने अब अन्य राज्यों को भी इस दिशा में प्रयास करने का आह्वान करते हुए कहा, जिस प्रकार गंगा सबके लिए सुखदायी है, वैसे ही यूसीसी भी मातृशक्ति व पूरे समाज के लिए सुखद होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top