उत्तराखंड – khabar ibn 7 https://khabaribn7.com Sat, 06 Jun 2026 11:58:21 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://khabaribn7.com/wp-content/uploads/2025/09/Khabar-IBN7-Logo.png उत्तराखंड – khabar ibn 7 https://khabaribn7.com 32 32 बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए रंगमंच और सांस्कृतिक गतिविधियां अत्यंत आवश्यक- जिलाधिकारी https://khabaribn7.com/2026/06/07/theatre-and-cultural-activities-are-essential-for-the-all-round-development-of-children-district-magistrate/ Sun, 07 Jun 2026 04:53:34 +0000 https://khabaribn7.com/?p=74781

नवांकुर नाट्य समूह के चार दिवसीय नाट्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ, बच्चों का किया उत्साहवर्धन

पौड़ी-  जिला मुख्यालय स्थित प्रेक्षागृह में नवांकुर नाट्य समूह द्वारा आयोजित चार दिवसीय नाट्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागी बच्चों, अभिभावकों एवं आयोजकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ रंगमंच, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

जिलाधिकारी ने कहा कि नवांकुर नाट्य समूह वर्षों से अपनी पहल पर बच्चों को रचनात्मक मंच उपलब्ध कराते हुए उनके व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता को निखारने का सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे सकारात्मक प्रयास समाज में नई ऊर्जा का संचार करते हैं तथा बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। जिला प्रशासन सदैव ऐसे रचनात्मक और जनहितकारी प्रयासों के साथ खड़ा है।

इस दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों द्वारा तैयार की गई कला प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया तथा उनकी रचनात्मकता, कल्पनाशीलता और कलात्मक अभिव्यक्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति बच्चों की सृजनात्मक क्षमता को विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं, जो उनके व्यक्तित्व को नई दिशा प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी बच्चे के भविष्य की मजबूत नींव है, लेकिन केवल शैक्षणिक उपलब्धियां ही पर्याप्त नहीं हैं। जीवन में सफल होने के लिए आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, रचनात्मक सोच और सकारात्मक व्यक्तित्व का विकास भी आवश्यक है। सांस्कृतिक गतिविधियां बच्चों के भीतर इन गुणों को विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को जितनी कम आयु में ऐसे प्रेरणादायी और सृजनात्मक वातावरण से जोड़ने का अवसर मिलेगा, उनका मानसिक, बौद्धिक और सामाजिक विकास उतना ही बेहतर होगा। रंगमंच बच्चों की झिझक दूर करने, उनकी अभिव्यक्ति को सशक्त बनाने तथा सार्वजनिक मंचों पर आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने की क्षमता विकसित करता है।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न सांस्कृतिक एवं नाट्य प्रस्तुतियों का अवलोकन किया तथा उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें अपनी रुचियों को निरंतर विकसित करने और ऐसे आयोजनों में सक्रिय सहभागिता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर सभासद अरविंद रावत, नवांकुर नाट्य समूह के सचिव यमुना राम, संरक्षक सुरेंद्र रावत, भारतेंदु नाट्य अकादमी के प्रशिक्षक अजीत बहादुर, मनोज दुर्बी सहित जनप्रतिनिधि, प्रतिभागी बालक-बालिकाएं, उनके अभिभावक तथा अन्य स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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खेत बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान, किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प https://khabaribn7.com/2026/06/06/call-to-turn-the-save-the-farms-campaign-into-a-mass-movement-farmers-pledge-to-conserve-soil-and-agriculture/ Sat, 06 Jun 2026 10:52:09 +0000 https://khabaribn7.com/?p=74772

किसानों के हित में हो रहा कार्य, बढ़ रही है आय- मुख्यमंत्री

अल्मोड़ा के हवालबाग में हुआ भव्य कार्यक्रम, बड़ी संख्या में पहुंचे किसान

6 करोड़ रुपए से जनपद अल्मोड़ा में कराई जाएगी तारबाड़, खेती होगी सुरक्षित- मुख्यमंत्री

अल्मोड़ा।  जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच कृषि और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से हवालबाग में राज्य स्तरीय “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने तथा किसानों को भविष्य की चुनौतियों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। मोटे अनाजों विशेषकर मांडुआ, झंगोरा, चौलाई एवं अन्य पारंपरिक फसलों के संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि अल्मोड़ा की धरती पर किसानों के बीच आकर उन्हें नई ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि “खेत बचाओ अभियान” अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनांदोलन बन चुका है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि देश की शक्ति और हिम्मत हैं। हमारी संस्कृति में मिट्टी केवल भूमि का टुकड़ा नहीं बल्कि मां के समान पूजनीय है। इसलिए मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना और खेतों को रासायनिक पदार्थों से यथासंभव मुक्त रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित कृषि व्यवस्था छोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्राविधान भी किया है।

मुख्यमंत्री ने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी का परीक्षण कराने, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह और वैज्ञानिक शोध के अनुरूप खेती करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप फसलों का चयन किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक समृद्धि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं तथा इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। प्रधानमंत्री के “मन की बात” कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बागवानी क्षेत्र के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क तथा सुगंधित फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मोटे अनाजों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के मामले में देश में उत्तराखंड का नाम प्रथम श्रेणी में आना सरकार की नीतियों की सफलता का जीता जागता उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों से केवल वादे नहीं करती, बल्कि धरातल पर कार्य करने में विश्वास रखती है। उन्होंने किसानों से अपनी खेती और मिट्टी का परीक्षण कराने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद में तारबाड़ योजना के अंतर्गत लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराए जाने घोषणा भी की।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाते हुए उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है तथा अब तक सरकारी विभागों में 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों के हित में ड्रैगन फ्रूट, कीवी तथा मिलेट जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी नीतियां बनाई गई हैं। खेती का क्षेत्रफल घटने के बावजूद कृषि उत्पादों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि खेतों को बचाकर ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण संभव है।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन सरकार की नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपदवासियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी संवर्धन और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, विधायक सल्ट महेश जीना, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, दायित्वधारी गंगा बिष्ट, गोविंद पिलख्वाल, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, कृषि सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, निदेशक कृषि, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।

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खाद्य सुरक्षा मानकों पर सख्ती, होटल संचालकों को किया जागरूक https://khabaribn7.com/2026/06/06/strict-enforcement-of-food-safety-standards-hotel-operators-sensitized/ Sat, 06 Jun 2026 10:25:33 +0000 https://khabaribn7.com/?p=74769

एफएसएसएआइ मानकों और हाइजीन रेटिंग पर दी जानकारी

कई होटलों को हाइजीन रेटिंग प्रमाण पत्र भी प्रदान किए

देहरादून। शहर में आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने होटल और रेस्टोरेंट पर सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में राजपुर रोड स्थित होटल वेलकम में होटल एसोसिएशन के सहयोग से एक कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य अतिथि अपर आयुक्त ताजबर सिंह, संयुक्त आयुक्त डा. आरके सिंह और उपायुक्त गढ़वाल खाद्य सुरक्षा आरएस रावत ने दीप प्रज्वलन कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। खाद्य सुरक्षा आडिटर आशीष भार्गव ने होटल संचालकों को एफएसएसएआइ मानकों, हाइजीन रेटिंग और खाद्य सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने स्वच्छता बनाए रखने और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। सहायक आयुक्त मनीष सयाना ने विभागीय कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 में लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, निरीक्षण, नमूना संग्रह और दायर किए गए वादों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त गढ़वाल आरएस रावत ने एफएसएसएआइ के शेड्यूल-4 की जानकारी दी, जबकि संयुक्त आयुक्त डा. आरके सिंह ने होटल संचालकों को खाद्य सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूक किया। अपर आयुक्त ताजबर सिंह ने अपील की कि सभी होटल संचालक कार्यशाला में दी गई जानकारी को अपने प्रतिष्ठानों में लागू करें, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन मिल सके। कार्यशाला में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु कोचर, हेमंत कोचर, सुरेश गिलहोत्रा, अंबुज ओबराय सहित 44 होटलों के संचालक, जीएम, मुख्य शेफ और खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान कई होटलों को हाइजीन रेटिंग प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।

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डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, मामा- भांजा ही निकले आरोपी https://khabaribn7.com/2026/06/06/dehradun-police-solve-theft-case-in-doiwala-area-maternal-uncle-and-nephew-turn-out-to-be-the-accused/ Sat, 06 Jun 2026 10:05:59 +0000 https://khabaribn7.com/?p=74766

मामा ने नशे की तथा भांजे ने आनलाइन गैम्बलिंग/गेमिंग की लत के चलते दिया था घटना को अंजाम

अभियुक्तों के कब्जे से घटना में चोरी किया गया माल हुआ बरामद

देहरादून। डोईवाला क्षेत्र में एक घर में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हैरानी की बात यह रही कि चोरी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि घर के ही सदस्य और रिश्तेदार ने मिलकर की थी। पुलिस ने महिला के बेटे और उसके भाई को चोरी किए गए जेवरात के साथ गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, रेशम माजरी निवासी मोनिका गोस्वामी ने कोतवाली डोईवाला में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपने परिवार के साथ बद्रीनाथ धाम यात्रा पर गई थीं। वापस लौटने पर घर की अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी गायब मिले। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने फतेहपुर टांडा क्षेत्र में चेकिंग अभियान के दौरान दो संदिग्धों को हिरासत में लिया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी महिला का पुत्र चिराग बोरा और उसका सगा भाई अमित सिंह नेगी हैं। दोनों ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ यात्रा पर न जाकर घर में रुकने का बहाना बनाया और रात के समय घर में रखे जेवरात व नकदी चोरी कर ली।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अमित सिंह नेगी नशे का आदी है, जबकि चिराग बोरा ऑनलाइन गेमिंग और गैम्बलिंग की लत से परेशान था। दोनों ने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए चोरी की योजना बनाई थी। चोरी की गई नकदी को उन्होंने आपस में बांटकर नशे और ऑनलाइन सट्टेबाजी में खर्च कर दिया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण और 2,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी चोरी की ज्वैलरी बेचने की फिराक में थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

]]> आपकी हर जानकारी पर साइबर ठगों की नजर, बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड के मामले, विशेषज्ञों ने किया अलर्ट https://khabaribn7.com/2026/06/06/cyber-fraudsters-have-their-eyes-on-your-personal-information-online-fraud-cases-are-on-the-rise-experts-issue-an-alert/ Sat, 06 Jun 2026 09:20:46 +0000 https://khabaribn7.com/?p=74760

बैंक खाते से लेकर बीमा पॉलिसी तक, डेटा के दम पर हो रही ठगी

रुड़की। साइबर अपराधी अब लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। सरकारी विभागों, बैंकों, बीमा कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारियों का दुरुपयोग कर ठग आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा लीक और साइबर सेंधमारी की घटनाएं बढ़ने से लोगों की निजी जानकारी अपराधियों तक पहुंच रही है, जिसका फायदा उठाकर वे भरोसा जीतने और ठगी को अंजाम देने में सफल हो रहे हैं।

हाल के दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें साइबर अपराधियों ने पीड़ितों की निजी और गोपनीय जानकारी का इस्तेमाल कर उन्हें झांसे में लिया। ठग खुद को बैंक, बीमा कंपनी या सरकारी विभाग का कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क करते हैं। जब वे पीड़ित की सही जानकारी बताते हैं तो लोग उन्हें असली प्रतिनिधि समझ लेते हैं और ओटीपी, बैंक डिटेल्स या अन्य गोपनीय जानकारी साझा कर बैठते हैं।

मुंडाखेड़ा खुर्द गांव में साइबर ठगों ने बाल विकास विभाग की योजनाओं के लिए आवेदन करने वाले लोगों का डेटा हासिल कर 15 से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बनाया। इस मामले में पीड़ितों के खातों से डेढ़ लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली गई।

एक अन्य मामले में नगर के एक व्यापारी को बीमा पॉलिसी की जानकारी का हवाला देकर ठगों ने किस्त जमा कराने के नाम पर 25 हजार रुपये से अधिक की ठगी कर ली। वहीं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले एक ग्राहक को ऑर्डर रद्द कराने का झांसा देकर उसके क्रेडिट कार्ड से 1.13 लाख रुपये निकाल लिए गए।

खेड़ी गांव के एक ग्रामीण के साथ भी इसी तरह की वारदात हुई। खुद को बैंक कर्मचारी बताने वाले साइबर ठग ने खाते से जुड़ी जानकारी हासिल कर 1.72 लाख रुपये की रकम उड़ा दी।

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि अपराधी डेटा हासिल करने के लिए हैकिंग, फर्जी लिंक, मैलवेयर और अंदरूनी स्रोतों का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।

सुरक्षा के लिए बरतें ये सावधानियां

बैंकिंग और बीमा संबंधी कार्य केवल अधिकृत कार्यालय या प्रतिनिधि के माध्यम से कराएं।
किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, सीवीवी या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
अनजान लिंक, ईमेल और मोबाइल एप्लिकेशन से दूरी बनाए रखें।
ऑनलाइन खरीदारी के दौरान केवल विश्वसनीय और सुरक्षित वेबसाइटों का उपयोग करें।
बैंकिंग वेबसाइट का यूआरएल स्वयं टाइप कर लॉगिन करें, किसी लिंक के जरिए नहीं।
किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को दें।

विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

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काशीपुर के विकास को नई गति दे रही धामी सरकार https://khabaribn7.com/2026/06/06/the-dhami-government-is-giving-new-momentum-to-the-development-of-kashipur/ Sat, 06 Jun 2026 06:33:39 +0000 https://khabaribn7.com/?p=74754

मुख्यमंत्री ने काशीपुर के 25.19 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण व शिलान्यास

खटीमा/काशीपुर। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से काशीपुर के 25.19 करोड़ के 03 विकास कार्यों शिलान्यास व 02 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार काशीपुर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार हेतु तेजी से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशीपुर शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से 8 प्रमुख चौराहों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रथम चरण में दो महत्वपूर्ण चौराहों का शिलान्यास किया गया। उन्होंने बताया कि ननकाना साहिब जाने वाले मार्ग पर स्थित स्टेडियम तिराहे का नाम “ननकाना साहिब चौक” रखा जा रहा है, जिसके सौंदर्यीकरण हेतु 3 करोड़ 35 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। वहीं वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप चौक के सौंदर्यीकरण के कार्य के लिए 4 करोड़ 30 लाख स्वीकृत कर प्रथम चरण के कार्य भी प्रारंभ किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से काशीपुर-रामनगर मार्ग (NH-309) के मरम्मत एवं निर्माण कार्यों का भी शिलान्यास किया गया है। इसके अतिरिक्त काशीपुर स्टेडियम में 24 लाख रुपए की लागत से निर्मित आधुनिक ओपन जिम तथा 49.24 लाख रूपये की लागत से उधम सिंह नगर प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय में बने प्री-फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर का भी लोकार्पण किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में आधुनिक एवं मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी दिशा में राज्य सरकार भी सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और शहरी विकास से जुड़े कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशीपुर कुमाऊँ क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं व्यावसायिक केंद्र है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा 133 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पार्क विकसित किया जा रहा है, जिसमें 16 औद्योगिक इकाइयों का आवंटन हो चुका है। इससे युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि काशीपुर-रामनगर राजमार्ग को फोरलेन बनाए जाने हेतु 494 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। साथ ही 3 किलोमीटर लंबे मिनी बाईपास का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो चुका है, जिससे शहर को यातायात जाम से राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशीपुर, हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। साथ ही काशीपुर के ड्रेनेज सिस्टम और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मास्टर प्लान पर कार्य किया जा रहा है। लगभग 1950 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल, सीवरेज, सड़क सुधार एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों का काम केवल योजनाओं को लंबित रखना था, जबकि वर्तमान सरकार “नो पेंडेंसी” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। हमारी सरकार शिलान्यास के साथ-साथ समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लोकार्पण भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकास की यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी और जनता के सहयोग से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को अवश्य पूरा किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से खटीमा से जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति व काशीपुर से विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली सहित अन्य जनप्रतिनिधि व जनता जुड़े थे।

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8 जून से घर-घर जाकर गणना फॉर्म बांटेंगे BLO https://khabaribn7.com/2026/06/06/blos-will-distribute-enumeration-forms-door-to-door-starting-june-8/ Sat, 06 Jun 2026 06:15:30 +0000 https://khabaribn7.com/?p=74751

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रेस कांफ्रेंस कर एसआईआर की दी विस्तृत जानकारी

देहरादून। उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने सचिवालय में मीडिया को सम्बोधित किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार बीएलओ का तीन चरणों में प्रशिक्षण, गणना फार्मों की शत प्रतिशत प्रिंटिंग पूर्ण हो गई है। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना फार्म का वितरण एवं संकलन किया जाएगा। इसी एक माह के दौरान मतदाताओं के गणना फार्मों को बीएओ एप्प के माध्यम से डिजिटिलाइज कर अपलोड किया जाएगा।

मतदाता पहली बार घर पर न मिलने पर BLO करेंगे तीन विजिट 

इस दौरान कोई मतदाता घर पर उपलब्ध नहीं है तो बीएलओ तीन बार घर पर विजिट करेंगे। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताय कि 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा इसके साथ ही 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। इसी बीच 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक सभी नोटिस जारी कर दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आयोग के निर्देशानुसार 15 सितंबर 2026 अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

प्रदेश में कराए जाएंगे 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे ने बताया कि प्रदेश में 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मतदाता स्वयं भी ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से अपना गणना फार्म ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं इसके बाद मतदाता इसे भरकर अपलोड कर सकते हैं। इस प्रकिया के दौरान अपर कोई भी पात्र व्यक्ति, मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाना चाहते हैं तो वे अपने बीएलओ से संपर्क कर फार्म 6 भर सकते हैं। जिसके बाद दावे आपत्तियों के निस्तारण के समय उनके फार्मों पर विचार किया जाएगा।

एक क्लिक पर अपने BLO के लिए बुक करा सकते हैं फोनकॉल

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा के लिए “बुक ए कॉल विद बीएलओ के फीचर से मतदाता एक क्लिक पर अपने बीएलओ के साथ कॉल बुक करा सकते हैं। इसके लिए मतदाता https://voters.eci.gov.in वेबसाइट पर विजिट करके या ECI-NET मोबाइल ऐप को डाउनलोड कर अपनी कॉल बुक करा सकते हैं। कॉल बुक कराने के बाद दो दिन के भीतर बीएलओ द्वारा मतदाता से स्वयं संपर्क किया जाएगा।

आसानी से सर्च कर सकते हैं 2003 की मतदाता सूची में नाम

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड की आधिकारिक वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध है, जहां मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, अपने तथा अपने पिता/पति के नाम के आधार पर मतदाता क्रमांक एवं बूथ संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही गली, मोहल्लों और एरिया के नाम से भी मतदाता सूची खोजने की सुविधा प्रदान की गई है।

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हल्द्वानी में अमेजन स्टोर में लगी भीषण आग, दो कर्मचारियों की दर्दनाक मौत https://khabaribn7.com/2026/06/06/massive-fire-breaks-out-at-amazon-store-in-haldwani-two-employees-die-tragically/ Sat, 06 Jun 2026 05:35:12 +0000 https://khabaribn7.com/?p=74748

हल्द्वानी। रामपुर रोड स्थित एक ई-कॉमर्स कंपनी के गोदाम में देर रात भीषण आग लगने से दो कर्मचारियों की मौत हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद कर्मचारी बाहर नहीं निकल सके। सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

जानकारी के अनुसार, जीतपुर नेगी क्षेत्र में स्थित अमेजन के स्टोर में रात करीब 11:30 बजे अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते लपटों ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। पास में स्थित एक अन्य डिलीवरी सेंटर के कर्मचारियों ने आग की सूचना फायर ब्रिगेड को दी। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया और आग बुझाने का अभियान शुरू किया, लेकिन तब तक गोदाम का अधिकांश हिस्सा जल चुका था।

राहत एवं बचाव कार्य के दौरान अंदर दो कर्मचारियों के शव मिले। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मृतकों की पहचान गौलापार निवासी नरेंद्र और पंचायतघर निवासी अमित के रूप में हुई है। दोनों कर्मचारी घटना के समय गोदाम के भीतर मौजूद थे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा परिजनों को सूचना दे दी गई है।

अग्निकांड में गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया। इसके अलावा चार्जिंग पर लगी एक स्कूटी और परिसर में खड़ा टेंपो भी आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय गोदाम बंद था और कुछ कर्मचारी अंदर ही मौजूद थे।

घटना के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था के बिना संचालित हो रहे हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा सुरक्षा मानकों की जांच की मांग तेज हो गई है।

एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि दमकल विभाग ने समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया, लेकिन दो कर्मचारियों की जान नहीं बचाई जा सकी। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।

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मुख्यमंत्री ने नैनीताल को दी 96.71 करोड़ की योजनाओं की सौगात https://khabaribn7.com/2026/06/06/chief-minister-gifts-projects-worth-%e2%82%b996-71-crore-to-nainital/ Sat, 06 Jun 2026 05:10:05 +0000 https://khabaribn7.com/?p=74745

नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद नैनीताल को 96 करोड़ 71 लाख रुपये की 13 विकास योजनाओं की सौगात दी। जिसमें 67 करोड़ लागत की 6 योजनाओं का लोकार्पण एवं 29.71 करोड़ की 7 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा भीमताल क्षेत्र के विकास हेतु अनेक घोषणा की गई, जिसमें भीमताल में सैनिकों एवं व्यापारियों हेतु एक बहुउद्देश्यीय भवन का निर्माण, भीमेश्वर मंदिर एवं ओखलकांडा पशुपतिनाथ मंदिर को मंदिर माला मिशन में जोड़े जाने, रामगढ़ ब्लॉक के ओढ़ाखांन से मुक्तेश्वर मोटर मार्ग, जीप मार्ग का मिलान, रामगढ़ उप तहसील का शीघ्र संचालन किये जाने के साथ क्षेत्र में प्राधिकरण की समस्या के समाधान हेतु उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर समस्या का समाधान किया जाना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां की सुंदर झील, चारों ओर फैली हरियाली, पर्वतों की अद्भुत श्रृंखला और प्रकृति की अनुपम छटा हमें केवल आनंद का अनुभव ही नहीं कराती, बल्कि हमें ये भी याद दिलाती है कि प्रकृति और पर्यावरण ही हमारा वर्तमान भी है और भविष्य भी है। इसलिए इस प्रकृति और पर्यावरण को संरक्षित और सुरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है।

उत्तराखंड का पर्यावरण कैसा हो ये हम सभी के लिए है एक महत्वपूर्ण प्रश्न- मुख्यमंमत्री धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड का पर्यावरण कैसा हो ये हम सभी के लिए एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। क्योंकि अच्छा पर्यावरण न केवल हमारी पहचान है बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन का आधार भी है। उन्होंने कहा कि हम उस पवित्र भूमि के निवासी हैं जहाँ से माँ गंगा और यमुना जैसी जीवनदायिनी नदियाँ निकलती हैं। जहाँ हिमालय केवल पर्वत नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता का प्रहरी है और हम उस संस्कृति के वाहक हैं जिसने हजारों वर्षों पहले ही प्रकृति को पूजनीय माना और पूरी दुनिया को प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विश्व को एक नई दिशा देने का किया काम – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विश्व को एक नई दिशा देने का काम किया है। उन्होंने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। इसी सोच के साथ भारत प्रकृति भी और प्रगति भी के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जी ने मिशन लाइफ के माध्यम से दुनिया को यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है। जब करोड़ों लोग अपने जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करने शुरू कर देते हैं, तब बड़े-बड़े परिवर्तन अपने आप संभव होने लग जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रारंभ किया गया एक पेड़ माँ के नाम अभियान भी केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है। बल्कि ये भावनाओं से जुड़ा हुआ एक जनआंदोलन है।

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हरित दून के सपने को जमीन पर उतार रहा एमडीडीए, विश्व पर्यावरण दिवस पर किया 300 पौधों का रोपण https://khabaribn7.com/2026/06/05/mdda-turning-the-dream-of-a-green-doon-into-reality-planted-300-saplings-on-world-environment-day/ Fri, 05 Jun 2026 11:46:44 +0000 https://khabaribn7.com/?p=74742

नागरिकों से अपने आसपास कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने का किया आह्वान

पौधारोपण नहीं, पौध संरक्षण भी जरूरी – बंशीधर तिवारी

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की “हरित उत्तराखंड-स्वच्छ उत्तराखंड” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) तेजी से कदम बढ़ा रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्राधिकरण ने न केवल वृहद पौधारोपण अभियान चलाया, बल्कि राजधानी को अधिक हरित, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने के अपने दीर्घकालिक विजन को भी सामने रखा। सहस्त्रधारा रोड रायपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित युवा कल्याण कार्यालय, नालापानी रोड के समीप नदी किनारे खाली पड़ी भूमि पर एमडीडीए द्वारा लगभग 300 पौधों का रोपण किया गया। इनमें फलदार, छायादार और औषधीय प्रजातियों के पौधे शामिल रहे। कार्यक्रम में प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

एमडीडीए अब केवल भवन निर्माण और शहरी विकास तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजधानी के पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्राधिकरण क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में नए हरित पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिससे नागरिकों को स्वच्छ वातावरण और मनोरंजन के बेहतर अवसर मिल सकें। इसके साथ ही शहर की प्रमुख सड़कों के बीच स्थित डिवाइडरों पर फूलदार और सजावटी पौधे लगाए जा रहे हैं। ये पौधे न केवल दून की सुंदरता बढ़ा रहे हैं, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित आवरण बढ़ाने में भी मददगार साबित हो रहे हैं।देहरादून की आवाम का भी कहना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच हरित क्षेत्रों का संरक्षण और विस्तार भविष्य की बड़ी जरूरत है। ऐसे में एमडीडीए की पहल राजधानी को एक आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

पौधारोपण कार्यक्रम में एमडीडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। 127 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी) गढ़वाल राइफल्स के अधिकारी, जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) एवं जवानों ने, जिन्हें लोकप्रिय रूप से ‘गढ़वाल ग्रीनर्स’ के नाम से जाना जाता है, पौधारोपण अभियान में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने पौधे लगाने के साथ उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करना भी उतना ही आवश्यक है। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस अभियान ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्वच्छ और हरित भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। यदि हर व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और सुरक्षित पर्यावरण मिल सकेगा।

पौधारोपण नहीं, पौध संरक्षण भी जरूरी – बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप प्राधिकरण राजधानी में हरित क्षेत्रों के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सतत जनभागीदारी का अभियान है। विश्व पर्यावरण दिवस पर लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि ये पौधे भविष्य में घने वृक्षों का रूप ले सकें। उन्होंने कहा कि जिस स्थल पर पौधारोपण किया गया है, उसे भविष्य में एक विकसित हरित पार्क के रूप में तैयार किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को स्वच्छ वातावरण और बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं मिलेंगी। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित किए जा रहे नए पार्क, ग्रीन बेल्ट और डिवाइडर प्लांटेशन राजधानी की सुंदरता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।

सचिव ने दिया जनभागीदारी पर जोर
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण और रखरखाव की भी प्रभावी व्यवस्था की जा रही है। आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में और अधिक हरित परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिससे दून घाटी का पर्यावरणीय संतुलन मजबूत हो सके। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह अभियान इस बात का संकेत है कि राजधानी देहरादून को हरित, स्वच्छ और सतत विकास का मॉडल बनाने की दिशा में एमडीडीए लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। यदि ऐसे प्रयास जनसहभागिता के साथ आगे बढ़ते रहे तो आने वाले वर्षों में दून घाटी का हरित स्वरूप और अधिक मजबूत होकर सामने आएगा।

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