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पेड़ों को बचाने के लिए 23 जून को तिरंगे के साथ निकाला जाएगा पैदल मार्च 

पेड़ों को काटने का पुरजोर विरोध किया गया 

देहरादून। न्यू कैंट रोड पर पेड़ों को बचाने के लिए 23 जून को तिरंगे के साथ पैदल मार्च निकाला जाएगा।  प्रेस क्लब में पर्यावरण बचाओ आंदोलन से जुड़े लोगों ने पेड़ों को काटने का पुरजोर विरोध किया। साथ पेड़ों के कटने से बढ़ रहे पर्यावरणीय संकट के बारे में बताया। पर्यावरणविद् डॉ. रवि चोपड़ा ने कहा कि देहरादून में जिस तरह से पेड़ों का कटान हो रहा है, उसका परिणाम दिखने लगा है। इस बार तापमान 43 डिग्री से ज्यादा पहुंचाया है और आने वाले समय में संकट और बढ़ेगा। कहा कि अंतरराष्ट्रीय लापरवाही की वजह से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।

आठवीं सदी की तुलना पिछले एक साल में तापमान डेढ़ डिग्री सेंटीग्रेट तक बढ़ चुका है। यही हाल रहे तो 2030 तक देहरादून का तापमान 50 डिग्री तक चला जाएगा। पेड़ों के कटान से ना केवल तापमान बढ़ रहा है, बल्कि कई दुष्परिणाम इसके सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि देहरादून में विकास के नाम पर लगातार पेड़ों का कटान हो रहा है। हम इसका निरंतर विरोध कर रहे हैं, बावजूद पेड़ों के कटान पर लगाम नहीं लग रही। देहरादून और आसपास के क्षेत्र में 31 हजार 750 पेड़ या तो कट चुके हैं या फिर कटने की कगार पर हैं।

उन्होंने पेड़ों के कटान के विरोध में 23 जून को दिलाराम चौक से हाथीबड़कला तक होने वाले पैदल मार्च को सफल बनाने का आह्वान किया। कहा कि यह मार्च सुबह सात बजे शुरू होगा, राष्ट्रीय ध्वज के साथ पैदल मार्च किया जाएगा। इस मौके पर विशाल भट्ट, जगमोहन मेहंदीरत्ता, हिमांशु अरोड़ा, रुचित सिंह राव आदि मौजूद रहे।

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